नाशिक: नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारी अंतिम चरण में पहुँच गई है और 31 अक्टूबर 2026 को नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में धर्मध्वजारोहण के साथ कुंभपर्व का शुभारंभ होगा। 2027 में अगस्त और सितंबर महीनों में तीन प्रमुख अमृतस्नान पर्व हैं। इसलिए देशभर से आने वाले श्रद्धालु पहले से योजना बनाकर यह पर्व मना सकेंगे।
आधिकारिक सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को नाशिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर धर्मध्वजारोहण का कार्यक्रम होगा। उसके बाद 2 अगस्त 2027 को पहला, 31 अगस्त 2027 को दूसरा, जबकि तीसरा अमृतस्नान नाशिक में 11 सितंबर और त्र्यंबकेश्वर में 12 सितंबर 2027 को होगा।
तीन प्रमुख अमृतस्नानों की तारीखें इस प्रकार
पहला अमृतस्नान 2 अगस्त 2027 को, दूसरा अमृतस्नान 31 अगस्त 2027 को होगा। तीसरे अमृतस्नान के लिए नाशिक और त्र्यंबकेश्वर की अलग-अलग तारीखें हैं। नाशिक में 11 सितंबर, जबकि त्र्यंबकेश्वर में 12 सितंबर 2027 को स्नानपर्व निर्धारित है। पर्वों के दौरान रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने की संभावना है। इसलिए यातायात, आवास, स्नानस्थलों तक पहुँचने के मार्गों और समय-समय पर होने वाले बदलावों की जानकारी पहले से लेना महत्वपूर्ण होगा।
जुलाई 2028 में कुंभपर्व का समापन
उपलब्ध समय-सारणी के अनुसार, सिंहस्थ कुंभ मेले का समापन जुलाई 2028 में होगा। त्र्यंबकेश्वर में 24 जुलाई 2028, जबकि नाशिक में 29 जुलाई 2028 को ध्वजावतरण होगा।







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